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किच्छा की रहने वाली शांभवी तिवारी ने परीक्षा में 46वीं रैंक हासिल की है. पिछली बार उन्हें 445वीं रैंक मिली थी. अपनी मेहनत के बूते उन्होंने एक साल में ही लंबी छलांग लगाई है. दून की मीनल नेगी ने आल इंडिया 66वीं रैंक हासिल की है. मीनल के पिता प्रीतम सिंह नेगी सरकारी शिक्षक हैं. चंपावत के अनुज पंत ने 69वीं रैंक प्राप्त की है. पिछले वर्ष उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 315वीं रैंक हासिल की थी. हरिद्वार के तुषार चौहान ने अपने तीसरे प्रयास में 216वीं रैंक हासिल की. बृनाड गांव की आस्था सिंह की 934वीं रैंक आई है.
आयुष सेमवाल.
देहरादून. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में उत्तराखंड के युवाओं का शानदार प्रदर्शन किया है. इस बार प्रदेश के कई जिलों से युवाओं ने सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की. किच्छा निवासी शांभवी तिवारी ने परीक्षा में 46वीं रैंक हासिल की है. जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर की गोल्ड मेडलिस्ट शांभवी को पिछले वर्ष चयन होने के बाद आइआरएस कैडर आवंटित हुआ था, तब उन्हें 445वीं रैंक मिली थी. अपनी मेहनत के बूते उन्होंने एक साल में ही लंबी छलांग लगाई है. इसके अलावा दून की मीनल नेगी ने आल इंडिया 66वीं रैंक हासिल की है. मीनल के पिता प्रीतम सिंह नेगी सरकारी शिक्षक हैं और उन्होंने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है.
चंपावत जिले के बाराकोट ब्लाक के छुलापै गांव निवासी अनुज पंत ने 69वीं रैंक प्राप्त की. पिछले वर्ष उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 315वीं रैंक हासिल की थी और हैदराबाद स्थित पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया था, लेकिन बेहतर रैंक के लिए उन्होंने प्रशिक्षण बीच में छोड़कर दोबारा तैयारी की और इस बार उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की. हरिद्वार के बाहदराबाद निवासी तुषार चौहान ने अपने तीसरे प्रयास में 216वीं रैंक हासिल की है.
कलियर निवासी ट्रक चालक की बेटी फैरूज फातिमा ने 708वीं रैंक प्राप्त कर कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता की मिसाल पेश की है. चंपावत में लोहाघाट के कलीगांव निवासी अनुप्रिया राय ने लगातार तीसरी बार परीक्षा उत्तीर्ण की. इस बार उन्होंने आल इंडिया 258वीं रैंक हासिल की. उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र के बनाल पट्टी गुलाड़ी गांव निवासी आशुतोष नेगी ने 398वीं रैंक प्राप्त की, जबकि सुनाली गांव के ऋषभ नौटियाल ने 552वीं रैंक हासिल की. उत्तराखंड का मान आयुष सेमवाल ने भी बढ़ाया है. उत्तरकाशी के पूर्व मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और वर्तमान में उप निदेशक उद्यान के पद पर कार्यरत एसएल सेमवाल के बड़े बेटे आयुष सेमवाल ने भी प्रदेश का नाम रोशन किया है.
आयुष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून के ब्राइटलैंड स्कूल से प्राप्त की और इंटरमीडिएट की परीक्षा यहीं से उत्तीर्ण की. इसके बाद उन्होंने हंसराज कॉलेज, नई दिल्ली से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. आयुष की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड को गर्व का अनुभव हो रहा है. जौनसार-बावर क्षेत्र के खत लखवाड़ के जखनोग गांव निवासी स्वप्निल सेमवाल ने 600वीं रैंक प्राप्त की. यह उनका पांचवां प्रयास था. इसी गांव के आयुष सेमवाल को 851वीं रैंक मिली, जबकि बृनाड गांव निवासी आस्था सिंह ने परीक्षा में 934वां स्थान हासिल किया है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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