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बिहार में सियासी सरगर्मी तेज है. एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 मार्च से 10 जिलों की ‘समृद्धि यात्रा’ शुरू कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ पटना में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर लगे हैं. विकास कार्यों की समीक्षा और भावी नेतृत्व को लेकर राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है.
नीतीश कुमार कल से समृद्धि यात्रा पर होंगे
पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण के माध्यम से एक बार फिर विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए जनता के बीच उतर रहे हैं. राज्य के सर्वांगीण विकास और योजनाओं की गति का आकलन करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण यात्रा 10 मार्च 2026 से प्रारंभ होने जा रही है. पांच दिनों तक चलने वाले इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री कोसी और सीमांचल क्षेत्र सहित कुल 10 जिलों की प्रगति का जायजा लेंगे.
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री का मुख्य फोकस चार प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रहेगा. आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, वे ‘प्रगति यात्रा’ और ‘सात निश्चय’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे. इसके साथ ही, जिले की अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ भी मुख्यमंत्री के हाथों संपन्न होगा. प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए वे जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें करेंगे और ‘जन संवाद कार्यक्रम’ के जरिए आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित करेंगे.
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चिराग को सीएम बनाने की मांग
राजधानी पटना की सड़कों पर चिराग पासवान के समर्थन में लगे पोस्टरों ने राज्य की सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है, जिनमें उन्हें बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया गया है. इन पोस्टरों पर “ना दंगा हो ना फसाद हो, बिहार का सीएम सिर्फ चिराग हो” जैसे नारे लिखे गए हैं, जो प्रदेश में शांति और विकास के संकल्प को दर्शाते हैं. साथ ही, पोस्टरों में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी निष्ठा को रेखांकित करते हुए लिखा गया है कि “मोदी जी को मिला अपने हनुमान का आशीर्वाद” और यह दावा किया गया है कि चिराग पासवान ही बिहार के नए सरताज होंगे.
सीएम की यात्रा का शेड्यूल
सीएम नीतीश कुमार की यात्रा की रूपरेखा के अनुसार, मुख्यमंत्री शुरुआती तीन दिनों तक मधेपुरा को अपना केंद्र बनाएंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे. यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:
10 मार्च: यात्रा का आगाज सुपौल और मधेपुरा से होगा.
11 मार्च: अररिया और किशनगंज के दौरों के बाद मुख्यमंत्री मधेपुरा लौटेंगे.
12 मार्च: पूर्णिया और कटिहार में विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी.
13 मार्च: सहरसा और खगड़िया का दौरा कर मुख्यमंत्री पटना वापस लौटेंगे.
14 मार्च: अंतिम दिन बेगूसराय और शेखपुरा का भ्रमण कर यात्रा का समापन होगा.
मुख्यमंत्री के इस सघन दौरे को सफल बनाने के लिए राज्य प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. मंत्रिमंडल सचिवालय के अपर मुख्य सचिव ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और डीजीपी को पत्र जारी कर सुरक्षा एवं व्यवस्था के कड़े निर्देश दिए हैं. इस यात्रा को आगामी समय में राज्य की प्रशासनिक सक्रियता और विकास की गति को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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