173 साल पुराना है ये रेलवे स्‍टेशन, न दिल्‍ली है और न मुंबई, पर अगले चार साल में एयरपोर्ट को पछाड़ने को हो रहा है तैयार

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कोलकाता. हावड़ा रेलवे स्टेशन भारत के सबसे पुराने और व्यस्त स्टेशनों में से एक है, जो यह 1854 में शुरू हुआ है, जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में पहली रेल सेवा शुरू की थी. आज यह कोलकाता का मेन एंट्री गेट है, जहां से रोज़ाना लाखों यात्री आते-जाते हैं. लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण स्टेशन पर दबाव बहुत बढ़ गया है. अब रेलवे ने इसे और बेहतर बनाने का बड़ा प्लान बनाया है, ताकि 2030 तक यहा से और ज्यादा ट्रेनें चल सकें और यात्रियों को सुविधाएं भी ज्‍यादा से मिल सकें.

यह स्‍टेशन 1854 में शुरू हुआ है, ट्रेनों की संख्‍या बढ़ने के बाद 1905 में छह नए प्लेटफॉर्म बनाए गए, इस तरह कुल सात प्‍लेटफार्म हो गए. 1984 में आठ और प्लेटफॉर्म बने, जिससे संख्या 15 हो गई. 1992 में नया टर्मिनल बना और चार अतिरिक्त प्लेटफॉर्म जुड़े. 2009 में स्टेशन को और बड़ा किया गया, अब कुल 23 प्लेटफॉर्म हैं. इस तरह पूर्वी भारत में रेल यात्रा आसान हुई, लेकिन लगातार यात्रियों की संख्‍या को देखते हुए और विस्‍तार करने की जरूरत हो गयी है.

ट्रेनों की संख्‍या दोगुनी करने की है तैयारी

भारतीय रेलवे ने फैसला किया है कि बड़े शहरों से निकलने वाली ट्रेनों की संख्या अगले पांच सालों में दोगुनी हो जाएगी. यानी 2030 तक यह लक्ष्य पूरा होगा. हावड़ा स्टेशन भी इस योजना में शामिल है. पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए नए प्लेटफॉर्म और पुराने प्लेटफॉर्म को लंबा किया जा रहा है. इससे लंबी दूरी की ट्रेनें आसानी से रुक सकेंगी और भीड़ कम होगी.

24 कोच वाली ट्रेनें रुक सकती हैं

हाल ही में प्लेटफॉर्म नंबर 15 को फिर से बनाया और लंबा किया गया है. पहले यह सिर्फ 312 मीटर लंबा था, अब 591 मीटर हो गया है. इससे 22-24 कोच वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें आसानी से रुक सकेंगी. पहले यहा सिर्फ 12 कोच वाली लोकल ट्रेनें आती थीं. प्लेटफॉर्म नंबर 14 को भी बढ़ाकर 581 मीटर किया गया है. इससे प्लेटफॉर्म बनने से ट्रेनों का इंतज़ार कम होगा.

लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों का अलग-अलग प्‍लेटफार्म

स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म बन रहे हैं. प्लेटफॉर्म नंबर 24 को 635 मीटर लंबा बनाया जा रहा है, जो पूरी 24 कोच वाली लंबी ट्रेनों के लिए होगा. प्लेटफॉर्म नंबर 16 300 मीटर लंबा होगा, जो 12 कोच वाली ट्रेनों के लिए बेहतर होगा. इन नए प्लेटफॉर्म से लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग रखा जा सकेगा. इससे समय पर ट्रेन चलना आसान होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी.

क्‍यों किए जा रहे हैं प्‍लेटफार्म

रेलवे कई पुराने प्लेटफॉर्मों को भी लंबाई बढ़ाने की की योजना बना रहा है. इससे लंबी ट्रेनों को जगह मिलेगी और ऑपरेशन बेहतर होगा. भीड़ कम होगी, यात्री आसानी से चढ़-उतर सकेंगे. यात्रियों को स्‍टेशन में अधिक सुविधा मिलेगी और ट्रेनों को आउटर में लंबा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

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