[ad_1]
Last Updated:
Bihaan Yojana: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मेंढरा गांव की हरमनिया देवी ने बिहान योजना से जुड़कर अपनी जिंदगी बदल दी. पहले वह गरीबी से जूझ रही थीं, लेकिन स्वयं सहायता समूह से ऋण लेकर उन्होंने किराना दुकान शुरू की और बाद में कपड़ों का कारोबार भी शुरू कर आज वह ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं.
Bihaan Yojana: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की महिलाएं अब आर्थिक रूप से सशक्त होती नजर आ रही हैं. इसी कड़ी में मेंढरा गांव की रहने वाली हरमनिया देवी की कहानी प्रेरणादायक है. पहले वह गरीबी से जूझ रही थीं और बच्चों की पढ़ाई कराना भी मुश्किल हो रहा था. इसी बीच वह बिहान योजना से जुड़ीं और स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ऋण लेकर किराना दुकान की शुरुआत की. धीरे-धीरे आमदनी बढ़ने लगी और आर्थिक स्थिति में सुधार आया. इसके बाद उन्होंने दोबारा ऋण लेकर कपड़ों का कारोबार शुरू किया. मेहनत और लगन के दम पर आज हरमनिया देवी ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. अब वह न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों को बिलासपुर जैसे बड़े शहर में पढ़ाई भी करा रही हैं. उनकी सफलता की कहानी आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है, देखिए ये रिपोर्ट…
शून्य से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर
ग्राम पंचायत मेंढरा की रहने वाली हरमनिया देवी ‘आकांक्षा स्वयं सहायता समूह’ की अध्यक्ष हैं और बिहान योजना से जुड़ी हुई हैं. वह बताती हैं कि पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल होता था, लेकिन बिहान से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव की शुरुआत हुई और उन्होंने समूह के माध्यम से स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया.
समूह से ऋण लेकर शुरू किया छोटा कारोबार
हरमनिया देवी ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से पहला ऋण लेकर गांव में ही किराना और श्रृंगार की छोटी दुकान शुरू की. मेहनत और लगन से उनका यह काम धीरे-धीरे बढ़ता गया. दुकान से अच्छी आमदनी होने लगी तो उन्होंने ईमानदारी से लिया हुआ ऋण भी चुका दिया.
दूसरे ऋण से शुरू किया कपड़ों का व्यवसाय
पहले कारोबार की सफलता के बाद हरमनिया देवी ने दोबारा समूह से ऋण लिया और कपड़ों का कारोबार भी शुरू किया. आज वह किराना और कपड़ों दोनों का व्यवसाय कर रही हैं, जिससे उनकी आजीविका अच्छी तरह चल रही है. वह बताती हैं कि बिहान ने उन्हें यह सिखाया कि छोटे-छोटे प्रयास और मेहनत से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.
बच्चों की पढ़ाई में आई नई उम्मीद
हरमनिया देवी बताती हैं कि पहले आर्थिक तंगी के कारण वह अपने बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं करा पा रही थीं. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है. उनकी आमदनी बेहतर होने से उनके बच्चे बिलासपुर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं और वह उनकी फीस भी समय पर भर पा रही हैं.
गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
हरमनिया देवी बिहान योजना के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना से न केवल उनकी जिंदगी बदली है बल्कि गांव की कई महिलाएं भी स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के जरिए आज हरमनिया जैसी हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
About the Author
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
[ad_2]
Source link
