Businessman Leaving Dubai | Really Businessman Leaving Dubai | मिसाइल गिरते ही उड़ी अरबपतियों की नींद, बोरिया-बिस्तर लेकर दुबई से कहां भाग रहे रईस?

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ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद डर के काले साए अब खाड़ी देशों पर साफ तौर पर दिखने लगे है. बिजनेसमैन के लिए सेफ हेवन माने जाने वाले दुबई से बड़े-बड़े रईसों का पलायन शुरु हो गया है. पिछले हफ्ते दुबई पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने वहां बसे एशियाई रईस और कारोबारी वहां से पलायन को मजबूर हो गए हैं.

रॉयटर्स के हवाले से हमले के तुरंत बाद दुबई में रहने वाले दो भारतीय कारोबारियों स्थानीय बैंक के अपने खातों से 1,00,000 डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) से ज्यादा की रकम सिंगापुर ट्रांसफर करने की कोशिश की. हालांकि, ईरानी हमलों के बाद आई तकनीकी खराबी के कारण शुरुआत में उनके प्लान फेल हो गए. बाद में इनमें से एक कारोबारी ने अमीरात के दूसरे बैंक के जरिए अपना पैसा सफलतापूर्वक सिंगापुर भेज दिया.

किन देश की ओर दौड़ रहे रईस

केवल ये दो भारतीय ही नहीं, बल्कि चीन और अन्य एशियाई देशों के दर्जनों अमीर अब दुबई में रखी अपनी संपत्ति को सिंगापुर और हांगकांग जैसे वित्तीय केंद्रों में ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. सिंगापुर के प्राइवेट वेल्थ वकील रयान लिन ने बताया कि दुबई में रहने वाले उनके 20 में से 6-7 क्लाइंट्स ने इस हफ्ते उनसे संपर्क किया है. इनमें से हर एक के पास औसतन 5 करोड़ डॉलर की संपत्ति है. 3 क्लाइंट तुरंत अपना पैसा सिंगापुर ट्रांसफर करना चाहते हैं. एक अन्य क्लाइंट तो यह जांच रहा है कि वह कितनी जल्दी अपना सब कुछ सिंगापुर ले जा सकता है.

रईसों की प्राथमिकता नहीं रही दुबई

एंडरसन ग्लोबल की प्रिंसिपल आइरिस जू के मुताबिक, 10 से 20 ‘फैमिली ऑफिस’ (अमीरों का पोर्टफोलियो संभालने वाली कंपनियां) मिडिल ईस्ट से पैसा निकालकर सिंगापुर वापस लाने को लेकर पूछताछ कर रही हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुबई हमेशा टैक्स बचाने के लिए जाना जाता था, लेकिन अब टैक्स बेनिफिट्स इन रईसों की पहली प्राथमिकता नहीं रह गए हैं.

वेट एंड वॉच की स्थिति

जंग की वजह से घबराहट के इस माहौल में कुछ वेल्थ मैनेजर स्थिति को अलग नजरिए से भी देख रहे हैं. WRISE प्राइवेट मिडिल ईस्ट के सीईओ ध्रुब ज्योति सेनगुप्ता ने बताया कि पैसे बाहर किसी दूसरे देश में ले जाने वाली स्थिति तो मैंने अभी नहीं देखी. उनके क्लाइंट्स यूएई के भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं.

सेंट्रल बैंक के गवर्नर का बयान

यूएई के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र (जिसकी कुल संपत्ति 5.42 ट्रिलियन दिरहम या 1.48 ट्रिलियन डॉलर है) के सेंट्रल बैंक गवर्नर खालिद मोहम्मद बलामा ने भी गुरुवार को दावा किया कि उनका सेक्टर मजबूत है और बिना किसी रुकावट के काम कर रहा है. इसी बीच बैंक ऑफ सिंगापुर और डीबीएस ग्रुप (DBS Group) के क्लाइंट्स अभी वेट एंड वॉच की नीति अपना रहे हैं. ग्रैंडवे फैमिली ऑफिस के सह-संस्थापक जेरेमी लिम का कहना है कि जब तक यूएई सीधे तौर पर संघर्ष में शामिल नहीं होता, तब तक घबराने की बात नहीं है.

दुबई से अमीर कारोबारी अचानक अपना पैसा क्यों निकाल रहे हैं?
हाल ही में दुबई पर हुए ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे के कारण अमीर निवेशकों में दहशत है. युद्ध के इस माहौल में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वे अपनी संपत्ति वहां से निकाल रहे हैं.

भारतीय और अन्य एशियाई रईस अपना पैसा दुबई से निकालकर मुख्य रूप से किन देशों में भेज रहे हैं?
ये रईस और कारोबारी अपनी संपत्ति और निवेश को दुबई से निकालकर सिंगापुर और हांगकांग जैसे सुरक्षित और स्थिर क्षेत्रीय वित्तीय केंद्रों (Financial Hubs) में ट्रांसफर कर रहे हैं.

युद्ध के खतरे से पहले दुबई इन अमीर कारोबारियों की पहली पसंद क्यों बना हुआ था?
दुबई मुख्य रूप से अपने बेहतरीन टैक्स बेनिफिट्स (टैक्स में छूट), कारोबार के अनुकूल नीतियों, प्राइवेसी और रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से बढ़ते बाजार के कारण एशिया के रईसों और ‘फैमिली ऑफिस’ की पहली पसंद था.

क्या सभी ग्लोबल निवेशक और अमीर लोग तुरंत दुबई छोड़कर जा रहे हैं?
नहीं, सभी तुरंत नहीं जा रहे हैं. बैंक ऑफ सिंगापुर और कई बड़े वेल्थ मैनेजर्स के क्लाइंट्स अभी ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की नीति अपना रहे हैं. उनका मानना है कि यूएई का बैंकिंग सेक्टर मजबूत है और जब तक यूएई सीधे तौर पर युद्ध में शामिल नहीं होता, तब तक वहां बने रहने में कोई बड़ा खतरा नहीं है.

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