chaitra navratri 2026 rare coincidence bhavya ganga aarti will now be held at Lalita Ghat in Kashi | Chaitra Navratri के पहले दिन दुर्लभ संयोग, काशी म

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Chaitra Navratri के पहले दिन काशी में अब इस घाट पर होगी भव्य गंगा आरती

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Chaitra Navratri 2026: काशी जाने वाले भक्तों के लिए खुशी की खबर आई है. अब काशी में नवरात्रि के पहले दिन से नए घाट से भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है. नवरात्रि के साथ इस दिन हिंदू नववर्ष भी है, जिसे बेहद दुर्लभ संयोग माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस घाट का संबंध मां त्रिपुरसुंदरी से है. आइए जानते हैं काशी मे अब किस घाट पर होने जा रही है भव्य गंगा आरती…

वाराणसी के ललिता घाट पर भी अब गंगा आरती शुरू होने जा रही है. यह आरती श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा 19 मार्च से आयोजित की जाएगी. पहले से ही नमो घाट पर गंगा आरती होती रही है लेकिन अब ललिता घाट पर भी यह आरती श्रद्धालुओं के लिए शुरू हो रही है. यह आरती चैत्र नवरात्रि के पहले दिन यानी हिंदू नववर्ष से शुरू हो रही है. हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि नवरात्रि की शुरुआत होती है. चैत्र नवरात्रि के दौरान, भक्तगण मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की हर दिन पूजा-अर्चना करते हैं. हिंदू नववर्ष से काशी में ललिता घाट पर गंगा आरती का होना सभी भक्तों के लिए खुशी की खबर लेकर आया है.

खास बात यह है कि विक्रम संवत 2083 की शुरुआत ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 19 मार्च से हो रहा है और यह नवरात्रि का भी पहला दिन है. ऐसे दुर्लभ संयोग बहुत कम देखने को मिलते हैं. इस दिन से ललिता घाट पर गंगा आरती का शुरू होना अपने आपमें बहुत महत्वपूर्ण है.

ललिता घाट, जिसे चौरासी घाटों में से एक माना जाता है, इस नए आरती आयोजन के लिए चुना गया है. इस घाट का नाम और महत्व इस आयोजन को और भी विशेष बना रहे हैं. दरअसल, मां ललिता ‘मां त्रिपुरसुंदरी’ का ही एक नाम है, जिन्हें तंत्र साधना में सर्वोच्च देवी माना जाता है और नवरात्रि में इनकी विशेष पूजा-अराधना होती है. ऐसे शुभ संयोग मिलकर यह आयोजन बहुत ही दुर्लभ और खास बना रहे हैं.

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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का उद्देश्य ही सनातन आस्था को बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार काम करना है. न्यास ने इस आरती का आयोजन इसलिए किया है ताकि लोग धार्मिक अनुभव के साथ-साथ सुविधा और सहजता से इसका आनंद ले सकें. ट्रस्ट का ध्यान सिर्फ आयोजन तक सीमित नहीं है बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि श्रद्धालु पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में आरती में भाग ले सकें.

इस नई गंगा आरती का समय शाम 6 बजे रखा गया है और यह निरंतरता के साथ नियमित रूप से आयोजित की जाएगी. ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालु इस अवसर पर आएं और माता गंगा की आराधना में शामिल होकर अपनी भक्ति व्यक्त करें.

इस आयोजन के साथ ही वहां सुरक्षा, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. श्रद्धालु अगर इस आयोजन के बारे में कोई सुझाव या शिकायत देना चाहें तो इसके लिए ट्रस्ट की ईमेल आईडी उपलब्ध है.ट्रस्ट का कहना है कि हर सुझाव और शिकायत का समाधान किया जाएगा.

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