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Noida Metro Extension: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए अच्छी खबर है. उनका सालों लंबा इंतजार अब जल्द ही खत्म होने जा रहा है. दरअसल, केंद्र सरकार ने नोएडा सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक के बहुप्रतीक्षित मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना पर मुहर लगाई गई. यह फैसला न केवल नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा, बल्कि दिल्ली और नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा.
इस ऐतिहासिक निर्णय पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसे नोएडा की विकास यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा,
नोएडा के लोगों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक बड़ा कदम! कैबिनेट ने नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक विस्तार कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. यह निर्णय नोएडा की विकास यात्रा को और गति देगा. साथ ही, ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी कमी आएगी.
11.56 किमी लंबा होगा कॉरिडोर, बनेंगे 8 नए स्टेशन
इस नई मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई लगभग 11.56 किलोमीटर होगी. यह पूरी तरह से एक एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जिस पर कुल 8 नए स्टेशन बनाए जाएंगे. फरवरी 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2,254 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस विस्तार के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का सक्रिय मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा.
बॉटनिकल गार्डन बनेगा महा-जंक्शन, दिल्ली पहुंचना होगा ओर भी आसान
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका बॉटनिकल गार्डन स्टेशन से जुड़ाव है. यह स्टेशन पहले से ही दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन (Blue Line) और मैजेंटा लाइन (Magenta Line) का एक बड़ा इंटरचेंज हब है. अब एक्वा लाइन के सीधे यहां जुड़ने से नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सेक्टरों के लोग बिना किसी झंझट के सीधे साउथ दिल्ली या वेस्ट दिल्ली की ओर जा सकेंगे.
इन IT कंपनियों और बड़े संस्थानों को मिलेगा सीधा फायदा
यह कॉरिडोर नोएडा के उन प्रमुख इलाकों से गुजरेगा जो शहर के आर्थिक और शैक्षणिक केंद्र हैं:
- प्रमुख IT हब्स: सेक्टर-145 (माइक्रोसॉफ्ट), सेक्टर-157 (TCS), सेक्टर-126 (हैवल्स), सेक्टर-132 (इंफोसिस और एडोब), सेक्टर-135 (कॉग्निजेंट) और सेक्टर-127 (ओरेकल).
- कमर्शियल सेंटर: सेक्टर-142 स्थित एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल और सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा सीधे मेट्रो मैप पर आ जाएंगे.
- शिक्षा और स्वास्थ्य: सेक्टर-125 स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के हजारों छात्रों के अलावा सेक्टर-91 और 44 के कॉलेजों और सेक्टर-128 स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जाने वाले मरीजों को सुगम परिवहन मिलेगा.
कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
यह नया कॉरिडोर शहर के उन हिस्सों से होकर गुजरेगा, जहां वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन की भारी कमी है. इसके चालू होने से नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित आईटी कंपनियां और कमर्शियल हब सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे. छात्रों और मरीजों को सुगम परिवहन मिलेगा. नए स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार में भारी निवेश की उम्मीद है.
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, रियल एस्टेट में आएगा उछाल
नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद जरूरी था. मेट्रो के आने से सड़क पर निजी वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे यात्रा समय में बचत होगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा. साथ ही, मेट्रो के अधिक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है.
इतना ही नहीं, रोजगार की तलाश में निकलने वाले युवाओं से लेकर व्यापार जगत तक, यह मेट्रो लाइन शहर की नई लाइफलाइन बनने जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि नए मेट्रो स्टेशनों के पास स्थित सेक्टरों में रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक निवेश के नए रास्ते खुलेंगे.
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