Pomegranate In Pots : बालकनी के गमले में ही लद कर होंगे रसीले लाल-लाल अनार! बस अपनाएं 7 सिंपल स्टेप्स

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Growing Pomegranate Plant In Balcony : शहरों के छोटे अपार्टमेंट्स में रहने वाले गार्डनिंग के शौकीनों के लिए अक्सर जगह की कमी एक बड़ी चुनौती होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनार एक ऐसा फल है जो बड़े बगीचे की जगह आपकी बालकनी के एक गमले में भी बहुत अच्छी तरह फल दे सकता है? अनार का पौधा न केवल देखने में सुंदर लगता है, बल्कि इसके लाल फूल और फल आपकी बालकनी की शोभा भी बढ़ाते हैं. अगर आप भी अपनी छत या बालकनी में अनार उगाना चाहते हैं, तो यह ‘स्टेप-बाय-स्टेप’ गाइड आपके बहुत काम आएगी.

गमले में अनार उगाने का स्‍टेप बाई स्‍टेप तरीका-

1. सही गमले का चुनाव (Size Matters): अनार की जड़ों को फैलने के लिए जगह चाहिए होती है. इसलिए कम से कम 12 से 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनें. ध्यान रहे कि गमले के नीचे ‘ड्रेनेज होल’ (पानी निकलने के छेद) जरूर हों, ताकि जड़ें सड़ें नहीं. बीज से अनार उगाने के बजाय नर्सरी से ग्राफ्टेड या हाइब्रिड ‘कलम’ वाला पौधा लाएं, इसमें फल जल्दी आते हैं.

2. मिट्टी का जादुई मिक्सचर (Potting Mix): अनार को ऐसी मिट्टी पसंद है जिसमें पानी रुके नहीं. आप सामान्य मिट्टी में कम्पोस्ट, कोकोपीट और वर्मीकम्पोस्ट बराबर मात्रा में मिलाकर एक पोषक तत्वों से भरपूर मिक्स तैयार करें. मिट्टी का pH मान 5.5 से 7 के बीच होना सबसे अच्छा रहता है.

3. धूप है सबसे जरूरी खुराक: अनार एक ‘सन-लविंग’ पौधा है. अपने गमले को बालकनी के उस कोने में रखें जहां कम से कम 6-8 घंटे की सीधी धूप आती हो. अगर धूप कम मिलेगी, तो पौधे में पत्तियां तो बहुत आएंगी, लेकिन फल नहीं लगेंगे.

4. पानी देने का सही तरीका: मिट्टी में नमी होनी चाहिए, लेकिन उसे कीचड़ न बनाएं. जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें. गर्मियों के मौसम में अनार के पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए शाम या सुबह के वक्त चेक जरूर करें.

5. रेगुलर खाद और पोषण : चूंकि गमले में पोषक तत्व सीमित होते हैं, इसलिए हर 4-6 हफ्ते में इसमें गोबर की खाद या कोई भी आर्गेनिक फर्टिलाइजर जरूर डालें. इससे पौधे को फल बनाने के लिए जरूरी एनर्जी मिलती रहेगी.

6. छंटाई (Pruning) से बढ़ेगी पैदावार: पौधे की सूखी, कमजोर या पीली पड़ चुकी डालियों को समय-समय पर काटते रहें. इससे पौधा अपनी ऊर्जा बेकार की टहनियों के बजाय नए फूलों और फलों को विकसित करने में लगाएगा. साथ ही, इससे फंगल इन्फेक्शन का खतरा भी कम हो जाता है.

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7. कीड़ों से बचाव (Pest Control): अनार के पौधों पर अक्सर छोटे कीड़ों का हमला हो जाता है. इससे बचने के लिए हर 15 दिन में नीम के तेल और पानी के घोल का स्प्रे करें. गमले के आस-पास साफ-सफाई रखें और हवा का सर्कुलेशन अच्छा रहने दें.

अनार का पौधा लगाने के बाद थोड़ा धैर्य रखें. सही देखभाल और भरपूर धूप मिलने पर कुछ ही महीनों में आपकी बालकनी लाल फूलों से भर जाएगी और जल्द ही आपको घर के उगे हुए रसीले अनार खाने को मिलेंगे.

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