Poultry Farming Business Profit | Poultry Farming Business Idea | मुर्गी पालन व्यवसाय | मुर्गी पालन से कितनी कमाई होती है |

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खेती के साथ शुरू किया मुर्गी पालन, 45 दिन में मिल रहा मुनाफा, जानें ये आइडिया

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Poultry Farming Benefits: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पारंपरिक खेती छोड़ अब किसान मुर्गी पालन के जरिए अपनी किस्मत चमका रहे हैं. महज 40 से 45 दिनों के भीतर 2 लाख रुपये तक की बंपर कमाई का यह मॉडल युवाओं के बीच आत्मनिर्भरता का नया मंत्र बन गया है. अमेठी गांव के किसान अयूब हुसैन के अनुसार, 100 ग्राम का चूजा डेढ़ महीने से भी कम समय में 2.5 किलो का होकर तैयार हो जाता है, जिससे लागत के मुकाबले कई गुना मुनाफा मिलता है. गुजरात की कंपनियों के सहयोग से घर बैठे शुरू होने वाला यह व्यवसाय कैसे लखीमपुर के किसानों की आय दोगुनी कर रहा है और क्यों इसे आज के समय का सबसे लाभदायक सौदा माना जा रहा है, आइए जानते हैं.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में युवा और किसान इस समय मुर्गी पालन पर अधिक जोर दे रहे हैं. कम लागत में अधिक मुनाफा मुर्गी पालन से कमाया जा सकता है. जिले में किसान अपनी आय को दोगुनी करने के लिए मुर्गी पालन कर रहे हैं. किसानों को 40 से 45 दिन के बीच में अच्छा खासा मुनाफा होता है. किसान ने बताया कि वर्तमान समय में पोल्ट्री फार्मिंग आमदनी का सबसे अच्छा विकल्प बनकर उभरा है.

कम जगह और कम लागत में बड़ा मुनाफा
मुर्गी पालन शुरू करने के लिए लगभग 200 फीट क्षेत्रफल वाली खुली और सुरक्षित जगह की आवश्यकता होती है ताकि मुर्गियों को पर्याप्त हवा और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मिल सके. परंपरागत खेती के साथ-साथ यह व्यवसाय अब किसानों के लिए मुनाफे की गारंटी बन गया है. ब्रॉयलर और देशी मुर्गियों का पालन कर किसान हर महीने 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. प्रोटीन युक्त भोजन की बढ़ती मांग ने बाजार में अंडों और मांस की खपत को काफी बढ़ा दिया है.

40 दिनों में चूजों का कायाकल्प
किसान ने बताया कि जब चूजा फार्म में आता है तो उसका वजन मात्र 100 ग्राम होता है. लेकिन उचित देखरेख और दाने के बाद महज 40 से 42 दिनों में उसका वजन 2 से 2.5 किलो तक हो जाता है. कई कंपनियां अपने चूजे तैयार करने के लिए किसानों को देती हैं और तैयार होने पर उन्हें अच्छे दामों पर वापस ले लेती हैं. कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे किसान घर बैठे बंपर कमाई कर रहे हैं.
बढ़ती जनसंख्या और सेहत के प्रति जागरूकता ने इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं पैदा कर दी हैं, जिससे लखीमपुर के किसान अब आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ रहे हैं.

About the Author

Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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