ULIP-म्यूचुअल फंड का सही कॉम्बिनेशन, कैसे बनाएं सुरक्षित और मजबूत पोर्टफोलियो

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ULIP-म्यूचुअल फंड का सही कॉम्बिनेशन, कैसे बनाएं सुरक्षित और मजबूत पोर्टफोलियो

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आज के दौर में युवा प्रोफेशनल और उद्यमी तेजी से वित्तीय योजना पर ध्यान दे रहे हैं. घर, भविष्य और परिवार की सुरक्षा जैसे कई लक्ष्य एक साथ पूरे करने होते हैं. ऐसे में निवेश के सही विकल्प चुनना बेहद जरूरी हो जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक ULIP और म्यूचुअल फंड का संतुलित इस्तेमाल बेहतर पोर्टफोलियो बना सकता है.

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निवेश का स्मार्ट फॉर्मूला: ULIP से सुरक्षा, म्यूचुअल फंड से तेज ग्रोथ. (Image:AI)

नई दिल्ली. आज के समय में 20 से 30 साल की उम्र के बीच के युवा तेजी से निवेश की ओर ध्यान दे रहे हैं. घर खरीदने, भविष्य के लिए बचत करने और परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे कई लक्ष्य उनके सामने होते हैं. ऐसे में सही निवेश विकल्प चुनना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई निवेशक ULIP और म्यूचुअल फंड दोनों का सही संतुलन बनाकर निवेश करता है तो उसका पोर्टफोलियो ज्यादा मजबूत और संतुलित बन सकता है.

ULIP: बीमा और निवेश का मिश्रण
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान यानी ULIP एक ऐसा वित्तीय उत्पाद है जिसमें बीमा और निवेश दोनों की सुविधा मिलती है. इसमें जमा किया गया प्रीमियम दो हिस्सों में बंटता है. एक हिस्सा जीवन बीमा कवर के लिए जाता है और दूसरा हिस्सा विभिन्न फंडों में निवेश किया जाता है. निवेशक अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इक्विटी, डेट या बैलेंस्ड फंड चुन सकता है. ULIP का एक बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें टैक्स लाभ मिलता है और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर अतिरिक्त बोनस या वेल्थ बूस्टर भी मिल सकते हैं.

म्यूचुअल फंड: निवेश और ग्रोथ का बेहतर विकल्प
दूसरी तरफ म्यूचुअल फंड पूरी तरह से निवेश पर आधारित उत्पाद है. इसमें कई निवेशकों का पैसा एक साथ जमा करके शेयर, बॉन्ड या अन्य वित्तीय साधनों में लगाया जाता है. इसे पेशेवर फंड मैनेजर संभालते हैं, जिससे निवेशकों को बाजार की जानकारी के बिना भी बेहतर अवसर मिल सकते हैं. म्यूचुअल फंड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लिक्विडिटी रहती है, यानी जरूरत पड़ने पर निवेशक आसानी से अपना पैसा निकाल सकता है. इसके अलावा इसमें कई तरह के विकल्प होते हैं, जैसे इक्विटी, डेट, हाइब्रिड और सेक्टोरल फंड.

दोनों को साथ रखने से बनता है संतुलित पोर्टफोलियो
विशेषज्ञों का कहना है कि ULIP और म्यूचुअल फंड को एक-दूसरे का विकल्प नहीं बल्कि पूरक माना जाना चाहिए. ULIP लंबे समय के लिए वित्तीय सुरक्षा और अनुशासित निवेश का आधार तैयार करता है, जबकि म्यूचुअल फंड निवेशक को लचीलापन और तेजी से ग्रोथ का मौका देता है. इस तरह दोनों को मिलाकर निवेश करने से सुरक्षा और अवसर दोनों का संतुलन बन जाता है.

युवाओं और उद्यमियों के लिए क्यों जरूरी
युवा प्रोफेशनल और उद्यमियों के लिए यह संयोजन खास तौर पर उपयोगी माना जाता है. ULIP परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है और भविष्य के बड़े लक्ष्यों जैसे रिटायरमेंट के लिए मददगार हो सकता है. वहीं म्यूचुअल फंड छोटी और मध्यम अवधि के लक्ष्यों जैसे यात्रा, शिक्षा या नई खरीदारी के लिए पूंजी तैयार करने में मदद करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि सही योजना और संतुलित निवेश के साथ ULIP और म्यूचुअल फंड मिलकर एक मजबूत और सुरक्षित वित्तीय भविष्य तैयार कर सकते हैं.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें

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