अमरूद की खेती से पहले ही साल 700000 का मुनाफा, इस किसान को सीएम-राज्यपाल कर चुके सम्मानित

Date:

[ad_1]

होमताजा खबरकृषि

अमरूद की खेती ने बदली किस्मत, इस किसान को सीएम-राज्यपाल कर चुके सम्मानित

Last Updated:

बहराइच के इस किसान ने तीन साल पहले ताइवान पिंक अमरूद की खेती शुरू की. पहली ही बार में 7 लाख रुपये का मुनाफा हो गया. किसान गुलाम मोहम्मद का कहना है कि अगर बाग खुद से तैयार कर बिक्री की जाए तो मुनाफा 2 से 3 गुना और अधिक हो सकता है. 3 साल पहले 2200 पौधे से ढाई एकड़ में लगवाए थे. फल आने से पहले ही पूरे बाग का दाम लग गया. इस वैरायटी की मार्केट में डिमांड खूब है. 80 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है. ज्यादा देखभाल भी नहीं चाहिए. बस समय-समय पर पानी देना पड़ता है. जैसे फल थोड़े बड़े होते हैं, इनकी पैकेजिंग पेड़ पर ही कर देनी होती है.

बहराइच. अमरूद की खेती किसानों की किस्मत बदल सकती है. बहराइच जिले के जरवल में रहने वाले किसान गुलाम मोहम्मद लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं. तीन साल पहले उन्होंने ताइवान पिंक अमरूद की खेती शुरू की है. पिछले साल 7 लाख रुपये का मुनाफा हुआ है. तैयार होने से पहले पूरा बाग बेच दिया था. किसान गुलाम मोहम्मद का कहना है कि अगर बाग खुद से तैयार कर बिक्री की जाए तो मुनाफा 2 से 3 गुना और अधिक हो सकता है.
गुलाम मोहम्मद ने 3 साल पहले ताइवानी पिंक अमरूद के लगभग 2200 पौधे से ढाई एकड़ में लगवाए थे. फल आने से पहले ही पूरे बाग का दाम लग गया था. मुनाफा 7 लाख का पहले साल ही हो गया. इस हिसाब से ढाई एकड़ में 25 लाख रुपये तक का लाभ हो सकता है. इसकी मार्केट में डिमांड खूब है. ₹40 से ₹80 प्रति किलोग्राम तक बिक जाता है.

क्यों करते हैं पैकेजिंग
ताइवान पिंक अमरूद की देखभाल की बात करें तो इसमें बस समय-समय पर पानी देने की जरूर होती है. जैसे फल थोड़े बड़े होते हैं, इनकी पैकेजिंग पेड़ पर ही कर देनी होती है. इससे रोग नहीं लगते हैं, फल स्वस्थ रहते हैं, टेंपरेचर भी मेंटेन रहता है और मार्केट में अच्छा भाव भी मिल जाता है. गुलाम मोहम्मद फल आने के बाद उसकी पैकेजिंग पेड़ पर ही कर देते हैं. ये एक जालनुमा बैग होता जो आसानी से फलों पर चढ़ जाता है.

कई बार सम्मानित
किसान गुलाम मोहम्मद लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं. राज्यपाल की ओर से सम्मानित हो चुके हैं. मुख्यमंत्री सीएम योगी ने भी कृषि क्षेत्र में अच्छे कार्य के लिए लखनऊ में सम्मानित किया है. जिले में शायद ही कोई ऐसी कृषि प्रदर्शनी हो, जिसमें उनको बुलाया न जाता हो और सम्मानित न किया जाए.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related