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आज के समय में हर कोई ताजा और सुरक्षित भोजन खाना चाहता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली सब्जियों में कई बार रसायनों और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में घर पर छोटी-सी बागवानी एक अच्छा और भरोसेमंद विकल्प बन सकती है. गार्डन एक्सपर्ट के मुताबिक टमाटर, हरी मिर्च, बैंगन, बरबटी, धनिया और पुदीना जैसी कई सब्जियां गमलों या ग्रो बैग में आसानी से उगाई जा सकती हैं.
आज के समय में हर कोई ताजा, पौष्टिक और सुरक्षित भोजन खाना चाहता है, लेकिन बाजार में मिलने वाली सब्जियों में कई बार रसायनों और कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है. ऐसे में घर पर छोटी-सी बागवानी एक अच्छा और भरोसेमंद विकल्प बन गई है. घर की बागवानी न केवल ताजी सब्जियां पाने का तरीका है, बल्कि यह एक सुखद और सुकून देने वाला अनुभव भी है. पौधों की देखभाल करने से मन को शांति मिलती है और परिवार को स्वस्थ भोजन मिलता है. गार्डन एक्सपर्ट रमेश माली के अनुसार टमाटर, हरी मिर्च, पालक, धनिया, पुदीना, बैंगन और बरबटी जैसी सब्जियां गमलों या ग्रो बैग में आसानी से उगाई जा सकती हैं.
हरी मिर्च का पौधा घर की बागवानी के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इसे उगाने के लिए 50 प्रतिशत मिट्टी, 30 प्रतिशत गोबर की खाद और 20 प्रतिशत रेत मिलाकर गमले में भर लें और इस मिश्रण में मिर्च के बीज बो दें. पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना चार से पांच घंटे धूप मिल सके. अच्छी बढ़वार के लिए समय-समय पर जैविक खाद डालना फायदेमंद रहता है. करीब 50 से 60 दिनों में पौधे पर फूल और छोटी-छोटी मिर्चें आने लगती हैं.
टमाटर का पौधा गमले या ग्रो बैग में आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए ऐसा गमला चुनें, जिसमें पौधे की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह हो. मिट्टी तैयार करते समय उसमें गोबर की खाद और थोड़ी रेत मिलाएं, ताकि मिट्टी हल्की और उपजाऊ बनी रहे. पौधे की छोटी-छोटी अतिरिक्त पत्तियों को हटाने से पौधे में अधिक टमाटर लगते हैं. नियमित रूप से पानी और जैविक खाद देने से पौधा स्वस्थ रहता है और अच्छी पैदावार देता है.
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बरबटी एक बेल वाली सब्जी है, जिसे घर के गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए मिट्टी में गोबर की खाद और थोड़ी रेत मिलाकर गमले में भरें और बीज को लगभग एक इंच गहराई में बो दें. इसके बाद हल्का पानी दें. कुछ दिनों में पौधा निकल आता है और धीरे-धीरे बेल बढ़ने लगती है. बेल को सहारा देने के लिए जाली या लकड़ी का सहारा लगाना बेहतर रहता है. लगभग 40 से 45 दिनों के बाद इसमें लंबी-लंबी फलियां आने लगती हैं.
धनिया और पुदीना ऐसी हरी पत्तेदार चीजें हैं, जिन्हें घर में बहुत आसानी से उगाया जा सकता है. पुदीना बाजार से लाकर उसकी डंठल की कटिंग मिट्टी में लगा दें, कुछ दिनों में नई पत्तियां निकलने लगती हैं. वहीं धनिया को बीज से बोया जा सकता है. दोनों पौधों को हल्की धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है. ध्यान रखें कि मिट्टी में ज्यादा पानी जमा न हो. सही देखभाल से ये पौधे जल्दी बढ़ते हैं और रसोई के लिए हमेशा ताजी और खुशबूदार पत्तियां मिलती रहती हैं.
बैंगन का पौधा भी घर की बागवानी में आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए भुरभुरी और अच्छी जल-निकासी वाली मिट्टी तैयार करें. मिट्टी में गोबर की खाद, रेत और थोड़ी नीम की खली मिलाने से पौधे को अच्छा पोषण मिलता है. पौधे को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त धूप मिलती हो. समय-समय पर जैविक खाद डालते रहें और मिट्टी में नमी बनाए रखें. कुछ ही समय में पौधे पर फूल आने लगते हैं और फिर छोटे-छोटे बैंगन तैयार होने लगते हैं.
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