छोटे किसान भी अब सिर्फ ₹4500 में करें आसान, तेज़ और सटीक बुवाई – मैनुअल सीडर के साथ!

Date:

[ad_1]

होमताजा खबरagriculture

छोटे कृषकों के लिए वरदान है यह मैनुवल सीडर, कम कीमत में निपटा देता है बड़ा काम

Last Updated:

मैनुअल सीडर – छोटा निवेश, बड़ी बचत! अब छोटे किसान भी मात्र ₹4500 में मूंगफली, मक्का, सोयाबीन और सब्जियों की बुवाई आसानी से, समय और बीज की बचत के साथ कर सकते हैं. हाथ से चलने वाली यह मशीन हर किसान के लिए आसान और कुशल है.

बहराइच. वैसे तो कृषि क्षेत्र में बहुत महंगे-महंगे यंत्र आते हैं, जिनको हमारे छोटे कृषक अफोर्ड नहीं कर पाते हैं. लेकिन अब हमारे छोटे किसान भी मैनुवल सीडर को मात्र 4500 रुपए में लेकर अपनी खेती को आसान बना पाएंगे. जिसमें बीजों की बुवाई सीजन के हिसाब से उड़द, मक्का आदि की हमारे किसान कर सकते हैं. इसमें बीज और समय की भी बचत होती है.

मैनुअल सीडर हाथ से चलने वाली एक कुशल बुवाई मशीन
मैनुअल सीडर हाथ से चलने वाली एक कुशल बुवाई मशीन है,जो बीज की बचत और समय की बचत के साथ, मूंगफली, सोयाबीन, मक्का और सब्जियों जैसे फसलों को उचित गहराई व समान दूरी पर बोती है. यह छोटे-मध्यम कृषकों के लिए बेस्ट है, जिसकी कीमत लगभग ₹2000 से ₹12000 हजार के बीच है और यह प्रति एकड़ की बुवाई में मदद करती है.

कैसे करता है काम,किसान भाइयों को चलना बेहद आसान
मैनुवल सीडर को हमारे किसान भाई बड़ी आसानी से चला सकते है,सीडर में बने खानों में बीजों को भरना होता है और फिर किसान भाई मोटरसाइकिल की तरह इसकी हेंडिल को पकड़ कर लाईन से सीधा चला सकते है. जैसे सीडर चलता जाता है वैसे-वैसे बीजों की बुवाई सही गहराई और उचित दूरी पर होती जाती है. जिसको हमारी माताएं बहने भी आसानी से चला सकती हैं जो आसानी से एक साइकिल की तरह चलता है जिसमें ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ती है.

समय की भी खूब बचत,समझे कैसे,लागत भी कम
इस सीडर से किसान भाइयों का समय और मेहनत भी काफी बच जाती है, एक बीघा की बात करें तो किसान भाइयों को एक बीघा में बुवाई के लिए अगर मजदूर से कराया जाए तो 3 से 4 लेबरों का पूरा दिन लग सकता है.यानी कि किसान का अब इस सीडर से लेबर कोस्ट भी बच सकती है और समय भी अगर सीडर से किसान करता है तो इसमें बीज आवश्यक अनुसार ही गिरती है. एक बीघा चंद घंटों में बिवाई एक अकेला किसान कर सकता है.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related