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कन्नौज. कन्नौज में वर्तमान समय में युवाओं के बीच जिम और बॉडीबिल्डिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. सोशल मीडिया और फिल्मी सितारों से प्रेरित होकर बड़ी संख्या में युवा कम समय में आकर्षक और मस्कुलर बॉडी बनाने की चाह रखते हैं. इसी जल्दबाजी में कई युवा बिना सही जानकारी और चिकित्सकीय परामर्श के प्रोटीन पाउडर, मास गेनर और अन्य सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.
विशेषज्ञ की सलाह के बिना न लें सप्लीमेंट
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पी त्रिपाठी ने युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि बॉडीबिल्डिंग करना गलत नहीं है, लेकिन इसे सही मार्गदर्शन में करना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति की शारीरिक संरचना, वजन, उम्र और स्वास्थ्य स्थिति अलग-अलग होती है. ऐसे में किसे कितना और कौन सा सप्लीमेंट लेना है, यह केवल विशेषज्ञ ही तय कर सकता है. बिना जांच और सलाह के सप्लीमेंट लेने से लीवर, किडनी और हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
नेचुरल डाइट को दें प्राथमिकता
चिकित्सकों का कहना है कि संतुलित और पौष्टिक आहार से भी शरीर को आवश्यक प्रोटीन और पोषक तत्व मिल सकते हैं. दाल, दूध, अंडा, सोया, पनीर, हरी सब्जियां और मौसमी फल शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाते हैं. नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सही दिनचर्या से भी बेहतर फिटनेस हासिल की जा सकती है.
नकली और घटिया सप्लीमेंट का खतरा
बाजार में कई तरह के सप्लीमेंट उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ नकली या घटिया गुणवत्ता के हो सकते हैं, ऐसे उत्पादों के सेवन से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसलिए यदि कोई युवा सप्लीमेंट लेना ही चाहता है तो पहले किसी योग्य डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से परामर्श अवश्य करे.
क्या बोले डॉक्टर
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ के पी त्रिपाठी ने बताया कि युवाओं से अपील की कि वे जल्दबाजी में शरीर बनाने के चक्कर में अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें. फिटनेस एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे धैर्य, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही सुरक्षित रूप से हासिल किया जा सकता है.
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