फिल्मी नहीं, बुंदेलखंडी गीतों की गूंज…नगड़िया की थाप पर झूमे आदिवासी, देखें चित्रकूट के पाठा की फाग वाली होली

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पूरे देश में आज होली मनाई गई. यूपी के चित्रकूट में इसका अलग ही रंग देखने को मिला. यहां के पाठा क्षेत्र में होली के मायने अलग हैं. लोग पूरे साल इस दिन का इंतजार करते हैं. शहरों में डीजे और फिल्मी गीतों पर लोग थिरकते दिखे, पाठा में नगड़िया की थाप सुनाई दी. यहां आदिवासी समाज और स्थानीय लोगों ने अलग अंदाजा में होली खेली. फाग गा रहे चित्रकूट के बुद्ध विलास ने लोकल 18 से बताया कि यहां दो दिनों तक अलग ही रंग देखने को मिलता है.

चित्रकूट. होली का पर्व पूरे देश में रंगों और उमंग के साथ मनाया जा रहा है, लेकिन यूपी के चित्रकूट जिले का पाठा क्षेत्र इस मायने में खास है. यहां होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति और परंपराओं का भी महापर्व बन जाती है. जहां शहरों में डीजे और फिल्मी गीतों पर लोग थिरकते नजर आते हैं, पाठा नगड़िया की थाप पर आदिवासी समाज और स्थानीय लोग सामूहिक उत्सव मनाते दिखते हैं. चित्रकूट पाठा क्षेत्र के सरैया, मारकुंडी सहित अन्य गांवों में होली के दिन से लेकर अगले दो दिनों तक गांवों में अलग ही रंग देखने को मिलता है.

यहां सुबह से ही युवा, बुजुर्ग महिलाएं एकत्रित होते हैं और नगड़िया, ढोलक व मजीरा की संगत में राई, कोल्हाई और बुंदेलखंडी लोकगीत गाए जाते हैं. यहां की खास बात यह है कि होली केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक मेलजोल का अवसर बन जाती है. गांव के चौपाल, खुले मैदान या मंदिर प्रांगण में लोग गोल घेरा बनाकर नृत्य करते हैं. नगड़िया की गूंज दूर-दूर तक सुनाई देती है और गुलाल उड़ाते हुए लोग एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई देते हैं.

फाग गा रहे बुद्ध विलास ने लोकल 18 से बताया कि यह हमारी कई साल पुरानी परंपरा है जिसे हम आज भी बखूबी से निभाते हैं. आज के दिन हम लोग फाग गीत के साथ-साथ राई, कोल्हाई, बुंदेलखंडी लोक गीत गाकर नृत्य करते है. इसमें आज के युवा भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं. इसी बहाने लोग आपस की बुराइयां भुलाकर एक हो जाते हैं.

इस संबंध में सरैया प्रधान पति कमल यादव ने बताया कि आज के दिन गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सब बढ़-चढ़कर फाग के गीत गाते हैं. अपनी पुरानी परंपरा को जीवित करते हैं, ताकि सदियों से चली आ रही ये परंपरा अगली पीढ़ी को सौंपी जा सके. हम लोग नगड़िया, ढोलक के साथ गीत गाकर नृत्य करते हैं. एक दूसरे पर रंग गुलाल उड़ाते हैं.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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