होली पर पकौड़ी-गुजिया तलने के बाद कड़ाही में बच गया है ढेर सारा तेल? इन तरीकों से करें ‘वेस्ट ऑयल’ का रीयूज

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देहरादून. होली पर आपने गुजिया और ढेर सारी पकौड़ियों को तलने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल किया होगा. अब इस तेल से दोबारा खाना बनाना तो हानिकारक है, लेकिन आप कुछ घरेलू कामों में इसका उपयोग कर सकते हैं.

होली पर आपने गुजिया और ढेर सारी पकौड़ियां और पूड़ियां बनाई होंगी जिसके लिए ढेर सारा तेल लगता है. बाजार में लगभग 200 रुपए प्रति किलो में मिलने वाले सरसों का तेल न हीं फेंका जा सकता है और न ही आप इसका दोबारा से खाने में उपयोग कर सकते हैं. अगर आप दोबारा से इसका उपयोग भोजन बनाने में करने की सोचते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि ऐसा करना आपके और आपके परिवार की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है.

जब आप सरसों के तेल में पकौड़े तलने के लिए इसे स्मोक पॉइंट तक गर्म तो वह उतना ही डिग्रेड होता है. इसके टोटल पोलर कम्पाउंड में 25 फीसद वृद्धि हो जाती हैं और ट्रांस फैट बढ़ जाता है जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है. यही वजह है कि आप अगर दुकान से पकौड़े समोसे खाते हैं तो आपका पेट खराब हो सकता है, क्योंकि वहां बार-बार एक ही तेल का उपयोग किया जाता है.

सरसों के तेल को दोबारा से उपयोग करने पर पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन तक पैदा हो सकता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. दोबारा इस्तेमाल किया गया तेल पेट की समस्याओं को बढ़ा देता है. बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ावा देने का काम करता है.

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बचे हुए सरसों के तेल के खाद्य कण वक्त के साथ ऑक्सीडाइज हो जाते हैं, जिससे तेल में कड़वाहट और बदबू आने लगती है, इसलिए आप जिस खाने में इसका उपयोग करने वाले हैं उसका स्वाद भी बिगड़ जाता है. अगर इस तेल का उपयोग खाने में नहीं किया जा सकता है तो आप इसे कचरा समझकर न फेंक दें, इसमें एंटी-फंगल और लुब्रिकेटिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती है जिसके चलते आप इसका इस्तेमाल अपने घर में कई ट्रिक में कर सकते हैं.

अगर आपके घर में लोहे की वस्तुओं पर जंग़ लगा हुआ है तो उसके लिए यह एक अच्छा उपाय है. आप लोहे की वस्तुओं पर इन्हें लगा दीजिए, यह एक सुरक्षा परत बना देता है जिससे नमी अंदर नहीं पहुँचती और जंग लगने की परेशानी खत्म हो जाती है. आप बचे हुए सरसों के तेल को पुराने औजारों जैसे कैंची, चाकू या हथौड़े पर लगा दीजिए. इससे लोहे पर एक सुरक्षात्मक कवच बन जाएगा जो इन्हें जंग लगने से बचा लेगा. आप ताले में भी इस सरसों के तेल को डाल सकते हैं.

लकड़ी के पुराने और चमक खो चुके फर्नीचर के लिए भी सरसों के तेल का उपयोग किया जा सकता है. आप थोड़े से बचे हुए सरसों के तेल में हल्का सिरका मिलाकर अगर आप लकड़ी की मेज या कुर्सियों पर पॉलिश करेंगे, तो उनकी खोई हुई चमक वापस आ जाएगी. इसके लिए आप सरसों के तेल और विनेगर को मिक्स करके एक कॉटन के कपड़े को उसमें डिप करें और फिर बेड, कुर्सियां जो भी लकड़ी का फर्नीचर हो उसमें लगा दीजिए, ऐसा करने से यह कीड़े से भी बचेंगी और इनमें चमक भी बरकरार रहेगी.

अगर आपके घर के दरवाजों और खिड़कियों को खोलने और बंद करने पर डरावनी आवाजे आती है तो आप चरमराहट की इस आवाज को दूर करने में ड्रॉपर की मदद से थोड़ा सा बचा हुआ तेल इन कब्जों में डाल लीजिए. यह लुब्रिकेंट के रूप में काम करता है और दरवाजों के कब्जों में जंग लगने से भी बचाता है. वहीं आप अगर कोई पौधा लगाते हैं तो मिट्टी में इसे मिल सकते हैं या पौधे के पास कीड़े मकोड़े आते हैं तो एक छोटे से बर्तन में इस तेल को रख सकते हैं. ऐसा करने से कीड़े पौधे की बजाय इस तेल के नजदीक आएंगे और पौधा सुरक्षित रहेगा.

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