4 बार मिली असफलता ने भी नहीं तोड़ा हौसला, किसान का बेटा अब बना आईएएस अधिकारी, अनोखी है सफलता की कहानी

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4 बार मिली असफलता ने भी नहीं तोड़ा हौसला, किसान का बेटा अब बना आईएएस अधिकारी

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UPSC CSE 2025 Success Story: यूपीएससी का रिजल्ट आने के बाद से कई घरों में खुशी की लहर है. इस परीक्षा में लखीमपुर खीरी के एक होनहार ने भी बाजी मारी है. दरअसल लखीमपुर खीरी निवासी सचिन वर्मा ने 785वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है. आइए उनके परिजनों से उनकी सफलता की कहानी जानते हैं.

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले सचिन वर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की है. सचिन वर्मा ने 785वीं रैंक हासिल कर जनपद का नाम रोशन किया है. जैसे ही परिवार को सचिन वर्मा की सफलता की खबर मिली, घर में खुशी का माहौल बना हुआ है. काफी दूर-दूर से लोग सचिन के घर पहुंचकर सचिन के पिता को बधाई दे रहे हैं. सचिन का पूरा परिवार जश्न मना रहा है.

मूल रूप से धौरहरा के भौवापुर कला के रहने वाले सचिन शहर के बाजपेई कॉलोनी में रहकर इंटर तक की पढ़ाई लखनऊ पब्लिक स्कूल से की. 2017 में इंटर पास करने के बाद हिंदू कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया. साथ ही सचिन ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. सचिन वर्मा का चयन यूपीसीसी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में हुआ और उन्होंने ऑल इंडिया 785वीं रैंक हासिल की.

हिंदू कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई

वहीं लोकल 18 से सचिन वर्मा के बड़े भाई रूचित वर्मा ने बातचीत करते हुए बताया कि हमारे पिता एक किसान हैं. हम तीन भाई हैं, जिसमें सचिन दूसरे नंबर पर है. सचिन ने शहर के लखनऊ पब्लिक स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की. उसके बाद सचिन ने हिंदू कॉलेज दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक पास किया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुड़ गया.

सचिन के भाई बताते हैं कि सचिन शुरुआत से ही पढ़ने में ठीक था और वह घर पर ही पढ़ाई करता था. रूचित वर्मा बताते हैं कि बाबा स्वर्गीय प्रताप चंद्र वर्मा बीडीओ थे. बाबा का सपना था कि सचिन सिविल सेवा में जाए. उन्हीं की प्रेरणा से सचिन ने इंटरमीडिएट के बाद तैयारी शुरू कर दी थी. हिंदू कॉलेज से बीए प्रोग्राम में उन्होंने स्नातक किया.

माता-पिता और बड़े भाई बने प्रेरणा

सचिन की भाभी नीतू वर्मा ने बातचीत करते हुए बताया कि सचिन पढ़ने में काफी अच्छा था और उसने बचपन में जो सपना देखा था, वह आज पूरा हो गया है. सचिन ने जनपद के साथ-साथ क्षेत्र का भी नाम रोशन किया है. वहीं सचिन वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पिता जगदीश वर्मा किसान हैं, जबकि मां रमा वर्मा गृहिणी हैं. सचिन ने बताया कि मेरी सफलता के पीछे माता-पिता, बड़े भाई और दोस्तों का सपोर्ट रहा है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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