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mutual Fund New Feature : बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को फ्रॉड और धोखाधड़ी से बचाने के लिए नया फीचर लागू किया है. अब म्यूचुअल फंड निवेशक अपने फोलियो को लॉक कर सकेंगे, जिससे उनके खातों तक फ्रॉड करने वालों की पहुंच नहीं हो सकेगी और न ही उनकी अनुमति के बिना कोई यूनिट निकाली जा सकेगी.
डिजिटल फ्रॉड से बचाने के लिए सेबी ने फोलियो लॉक करने की सुविधा दी है.
नई दिल्ली. बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज सुविधा’ शुरू करने की घोषणा की है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि यह सुविधा डीमैट वाले और बिना डीमैट वाले दोनों तरह के फोलियो के लिए उपलब्ध होगी. इसके तहत निवेशक अपना फोलियो लॉक कर सकेंगे, जिससे लॉक रहने तक उस फोलियो से म्यूचुअल फंड यूनिट डेबिट नहीं की जा सकेंगी.
सेबी के मुताबिक, म्यूचुअल फंड फोलियो लॉक करने की सुविधा पहले चरण में रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के जरिये ‘एमएफ सेंट्रल’ मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी. यह सुविधा केवल उन निवेशकों के लिए होगी जिनका केवाईसी पूरा है और जिनके वैध ईमेल आईडी एवं मोबाइल नंबर दर्ज हैं. स्वैच्छिक डेबिट फ्रीज सुविधा 30 अप्रैल से शुरू हो जाएगी. जिन निवेशकों ने अभी तक अपना केवाईसी नहीं किया है, उन्हें तय तिथि से पहले अपना ई-केवाईसी पूरा कर लेना चाहिए.
लॉक अवधि में किस चीज की छूट
म्यूचुअल फंड उद्योग संगठन ‘एम्फी’ को फोलियो लॉक और अनलॉक करने की विस्तृत प्रक्रिया तय करने का निर्देश दिया गया है. यह भी तय किया जाएगा कि लॉक अवधि के दौरान कौन-कौन से वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन की अनुमति होगी. सेबी ने कहा कि सभी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) और आरटीए इस सुविधा को अपनाने की प्रक्रिया तथा लॉक अवधि के दौरान लेनदेन पर इसके प्रभाव से जुड़ी जानकारी अपनी वेबसाइट और अतिरिक्त सूचना विवरण (एसएआई) में सार्वजनिक करेंगे.
निवेशकों को क्या मिलेगा फायदा
फोलियो के लॉक होने से निवेशकों को फ्रॉड और धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलती है. अगर निवेशक का पासवर्ड, मोबाइल या ऑनलाइन अकाउंट हैक हो जाए तो भी उनके खाते से पैसे नहीं निकाले जा सकेंगे. सेबी ने यह उपाय डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों से निवेशकों को बचाने के लिए किया है. अब ज्यादातर म्यूचुअल फंड ऑनलाइन हो चुके हैं तो यह फीचर निवेशकों को अपने फोलियो पर पूरा कंट्रोल देता है और उन्हें डिजिटल फ्रॉड से बचाता है.
चिंतामुक्त रह सकते हैं निवेशक
अगर कोई निवेशक लंबे समय के लिए यात्रा पर जा रहा है अथवा किसी बीमारी से ग्रस्त है तो वह अपने फोलियो को लॉक करके चिंता मुक्त हो सकता है. इतना ही नहीं, अंजान प्लेटफॉर्म या फिशिंग अटैक से भी यह नया फीचर बखूबी बचाव कर सकेगा. सेबी ने कहा है कि यह सुविधा सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगी, जिनका ई-केवाईसी पूरा है और मोबाइल या ई-मेल आईडी अपडेट है. लिहाजा जिन निवेशकों ने अभी यह काम नहीं किया है, उन्हें तय समय के भीतर इसे पूरा कर लेना चाहिए.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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