Success Story: बीमारी ने दी नई जिंदगी! ₹400 से शुरू… आज है लाखों का कारोबार, रांची की मोनी को जुनून ने बनाया बिजनेस वूमेन

Date:

[ad_1]

रांची : झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली मोनी बताती हैं कि एक समय था. जब वह वेंटिलेटर पर थी, और उनकी हालत बहुत ही खराब थी, लेकिन धीरे-धीरे वह रिकवर हुई और केक बनाने का उन्हें गजब का जुनून और शौक था. आज वह केक के साथ कुकीज, चॉकलेट्स सारी चीज बनाने का काम करती हैं. आज उनका रांची में खुद की तीन शॉप है और उनके क्लाइंट्स रांची में ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों के भी हैं.

मोनी ने बताया कि उन्होंने 400 रुपये से शुरूआत की थी, लेकिन आज ये लाख रुपए पर पहुंच चुका है. आज  उनके पास हर तरह के फ्लेवर के केक आपको मिल जाएंगे. यहां आपको वनीला फ्लेवर चाहिए या फिर चीज केक चाहिए, चॉकलेट से लेकर फ्रूट के हर तरह के केक आपको मिल जाएंगे, लेकिन केक बनाना भी उनके लिए शुरूआत में इतना आसान नहीं था. जब वह 10 साल की थी. तब से उन्हें केक बनना पसंद था, आज भी वह केक बना रही हैं.

चीनी-मैदा कटोरा में लेकर जाती थी बैठ

मोनी बताती हैं आज भले ही वह परफेक्ट केक बना लेती हैं, लेकिन उसकी शुरुआत जब हुई थी. जब वह एकदम छोटी थी और केक बनाने का ऐसा जुनून था कि घर में एक छोटा सा कटोरा होता था, उसको ले लेती थी उसमें मैदा, दूध, चीनी जो रहता था. तब लेकर मिलाने बैठ जाती थी. जहां आधा घंटा मिलाती रहती थी और इस तरह उनका केक आधा जला और आधा पक्का बनकर तैयार हो जाता था. उस समय उनकी मां खूब डाटती थी कि हर सामान को बर्बाद कर रही है.

मोनी ने बताया कि लेकिन वह छोटी-छोटी कोशिश कब इतना बड़ा रूप ले ली, पता ही नहीं चला. आज आराम से 5 से 6 या 7 तल्ला केक आराम से बना लेती हैं. जब भी उनके पास आर्डर भी आते हैं तो वह फटाफट तैयार कर देती हैं. ऐसे केक की कीमत ₹15000 तक होती है. उनके यहां की सबसे खास बात यह है कि जब आप उनका केक टेस्ट करेंगे तो आपको वह चीनी जैसा नहीं लगेगा. बल्कि, एकदम शुद्ध क्रीम जैसा लगेगा.

साफ सफाई कर रखा जाता है विशेष ध्यान

यहां पर आप आएंगे तो खुद ही केक आंखों के सामने बनते हुए देख सकते हैं. यहां पर हाइजीन व साफ सफाई का बेहद विशेष ध्यान रखा जाता है. यह उनका एथिक्स है. यह हम कस्टमर को एकदम शुद्ध और बढ़िया परोसते हैं. यही कारण है एक बार लोग खाते हैं तो वह उनके पेटेंट कस्टमर बन जाते हैं. यहां पर आपको मात्र ₹400 से ही केक के रेंज की शुरुआत हो जाती है. उसके बाद कोई लिमिट नहीं है. फिर आप जैसा कस्टमाइज करना करवाना चाहें, वैसा केक यहां पर तैयार हो जाएगा.

मोनी ने आगे बताया कि जब वह अपने बेटे को जन्म दी. तब उनकी हालत बहुत ही क्रिटिकल हो गई थी. एक असाधारण बीमारी हो गई थी. जिस वजह से मुझे वेंटिलेटर पर जाना पड़ा और एक दो महीने तो मुझे होश ही नहीं आया. उस समय लगा था कि सब कुछ खत्म हो गया है. कुछ नहीं बचा हैं, लेकिन अब पता चला कि वह तो एक शुरुआत थी. आज मेरा शॉप पुंदाग के ओक फॉरेस्ट अपार्टमेंट के ठीक अपोजिट में पहला वाला देखने को मिलेगा. यहां हमेशा ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related