Shantanu Narayen Success Story : अमेरिका को अपना मुरीद बनाने वाला हैदराबादी लड़का हो रहा रिटायर, 450 करोड़ है सैलरी, 25 गुना बढ़ा दी कंपनी की कमाई

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Shantanu Narayen Success Story : शांतनु नारायण का जन्म 27 मई, 1963 को हैदराबाद में एक तेलुगु हिंदू परिवार में हुआ था. उनके पिता प्लास्टिक का बिजनेस चलाते थे. मां अंग्रेजी की टीचर थी. शांतनु ने हैदराबाद पब्लिक स्‍कूल से पढ़ाई की. खास बात यह है कि इसी स्‍कूल से माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्‍या नडेला भी पढ़े हैं.

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शांतनु नारायण साल 1998 में एडोब से जुड़े थे.

नई दिल्‍ली. सॉफ्टवेयर कंपनी एडोब के सीईओ शांतनु नारायण 18 साल तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद अब पद छोड़ रहे हैं. कंपनी ने कहा है कि नारायण तब तक सीईओ बने रहेंगे जब तक उनका उत्तराधिकारी नियुक्त नहीं हो जाता. इसके बाद वे कंपनी में बोर्ड चेयरमैन के रूप में बने रहेंगे. शांतनु 1998 एडोब से जुड़े थे. 2005 में वे प्रेसिडेंट बने और 44 साल की उम्र में 2007 में कंपनी के सीईओ नियुक्त किए हुए. उनके नेतृत्‍व में एडोब ने खूब तरक्‍की की और कर्मचारियों की संख्या 3,000 से बढ़कर 30,000 से अधिक हो गई.

इस दौरान एडोब की आय में भी खूब इजाफा हुआ और यह 1 अरब डॉलर से कम से बढ़कर 25 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई. शांतुन नारायण ने ही एडोब को पारंपरिक सॉफ्टवेयर लाइसेंस मॉडल से हटाकर क्लाउड-आधारित सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर अग्रसर किया. वित्त वर्ष 2024-25 में उनका पैकेज करीब 450 करोड़ रुपये था.

हैदराबाद में हुआ जन्‍म

शांतनु नारायण का जन्म 27 मई, 1963 को हैदराबाद में एक तेलुगु हिंदू परिवार में हुआ था. उनके पिता प्लास्टिक का बिजनेस चलाते थे. मां अंग्रेजी की टीचर थी. शांतनु ने हैदराबाद पब्लिक स्‍कूल से पढ़ाई की. खास बात यह है कि इसी स्‍कूल से माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्‍या नडेला भी पढ़े हैं. स्‍कूली शिक्षा पूरी करने के बाद शांतनु नारायण ने उस्मानिया यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.

1980 में गए अमेरिका

1980 के दशक के बीच शांतनु नारायण अमेरिका चले गए. 1986 में ओहायो में बॉलिंग ग्रीन स्टेट यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की. यूनिवर्सिटी में उनकी मुलाकात रेनी से हुई. दोनों में प्‍यार हुआ और फिर उन्‍होंने शादी कर ली. शांतनु ने क्लिनिकल साइकोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री पूरी की. 1993 में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के हास स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की उपाधि ली. एमबीए करने से पहले ही उन्‍होंने जॉब शुरू कर दी थी.

ऐपल में भी किया काम

शांतनु नारायण ने 1986 कंप्‍यूटर साइंस मास्‍टर्स डिग्री हासिल करने के बाद ही जॉब शुरू कर दी थी. उन्‍होंने मेजरेक्स ऑटोमेशन सिस्टम्स में अपना प्रोफेशनल करियर शुरू किया. 1989 में वह ऐपल से जुड़ गए. वहां उन्होंने 1995 तक प्रोडक्ट डेवलपमेंट की भूमिकाएं निभाईं. कुछ समय के लिए शांतनु ने सिलिकॉन ग्राफिक्‍स (Silicon Graphics) में डायरेक्टर-लेवल की भूमिका निभाई. 1996 में उन्‍होंने एक डिजिटल फोटो-शेयरिंग स्‍टार्टअप पिक्‍ट्रा इंक की नींव रखी. यह एक शुरुआती डिजिटल फोटो-शेयरिंग स्टार्ट-अप था.

1998 में रखा एडोब में कदम

शांतनु साल 1998 में एडोब से जुड़े. उन्‍हें कंपनी के इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट और जनरल मैनेजर की जिम्‍मेदारी दी गई. 2005 में शांतनु कंपनी के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर बने.1 दिसंबर, 2007 को 44 साल की उम्र में सीईओ बने. 2017 में बोर्ड के चेयरमैन का अतिरिक्‍त कार्यभार संभाला.

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